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व्रत विधि📜 पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण2 मिनट पठन

निर्जला एकादशी का व्रत सबसे कठिन क्यों माना जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

निर्जला कठिन: जल भी वर्जित (24 घण्टे), ज्येष्ठ=भीषण गर्मी (40-48°C), भीम कथा (महाबली भी कठिन), 24 एकादशी=1 निर्जला (फल=कठिनता दोनों सर्वाधिक)। केवल आचमन। स्वास्थ्य सर्वोपरि।

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विस्तृत उत्तर

निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी) सर्वाधिक कठिन:

  1. 1जल भी वर्जित: अन्य एकादशियों = फलाहार/जल अनुमत। निर्जला = जल की एक बूँद भी नहीं। सूर्योदय से अगले सूर्योदय = ~24 घण्टे बिना जल।
  1. 1ज्येष्ठ मास = भीषण गर्मी: ज्येष्ठ (मई-जून) = वर्ष का सबसे गर्म माह। तापमान 40-48°C। बिना जल = शारीरिक कष्ट अत्यंत।
  1. 1भीम कथा: महाभारत के भीम को भोजन बिना रहना असम्भव था (अत्यधिक भूख = वृकोदर)। वे 24 एकादशी नहीं रख पाते। व्यास जी ने कहा — 'एक निर्जला एकादशी रखो = 24 एकादशियों का पुण्य।' भीम जैसे महाबली के लिए भी कठिन = सर्वाधिक कठिन।
  1. 124 एकादशी = 1 निर्जला: इसका फल 24 एकादशियों के बराबर — इसलिए कठिनता भी सर्वाधिक।
  1. 1शारीरिक चुनौती: निर्जलीकरण (dehydration) का वास्तविक खतरा। वृद्ध, रोगी, गर्भवती = अत्यंत सावधानी। स्वास्थ्य से समझौता न करें।

केवल आचमन अनुमत: मुख में जल लेकर थूकना (निगलना नहीं) = आचमन = अनुमत।

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शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण
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