विस्तृत उत्तर
मंगलवार व्रत हनुमान जी को समर्पित है। स्कंद पुराण और हनुमान पुराण में इसके नियम वर्णित हैं:
व्रत का उद्देश्य
- ▸हनुमान जी की कृपा प्राप्ति
- ▸मंगल दोष निवारण
- ▸भय, शत्रु और संकट से मुक्ति
- ▸शारीरिक और मानसिक बल
- ▸पुत्र प्राप्ति
व्रत के प्रकार
- 1सामान्य मंगलवार व्रत — प्रत्येक मंगलवार
- 221 मंगलवार व्रत — लगातार 21 सप्ताह
- 3मनोकामना व्रत — किसी विशेष इच्छा के लिए 11 मंगलवार
व्रत के नियम
शरीर शुद्धि
- 1सूर्योदय से पूर्व उठें और स्नान करें
- 2लाल या नारंगी वस्त्र धारण करें
- 3पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें
भोजन नियम
- 1व्रत में एक समय भोजन करें — सूर्यास्त के बाद
- 2गेहूँ वर्जित — मंगलवार व्रत में गेहूँ और उससे बनी चीजें नहीं खाते
- 3गुड़-चना, लाल फल, दूध-दही ग्रहण करें
- 4नमक — सेंधा नमक उचित; कुछ परंपराओं में नमक वर्जित
- 5मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन वर्जित
पूजा नियम
- 1हनुमान मंदिर जाएं या घर पर पूजा करें
- 2सिंदूर का लेप या तिलक — हनुमान जी को और स्वयं माथे पर
- 3चमेली के तेल का दीप जलाएं
- 4गुड़-चना का प्रसाद चढ़ाएं
- 5हनुमान चालीसा का 3 या 7 बार पाठ
- 6'ॐ हं हनुमते नमः' — 108 बार जप
- 7सुंदरकांड पाठ — विशेष फलदायी
आचरण नियम
- 1झूठ न बोलें
- 2क्रोध न करें
- 3किसी का अपमान न करें
- 4दूसरों की सहायता करें — हनुमान सेवाभाव के देवता हैं
व्रत का पारण
- ▸सूर्यास्त के बाद गुड़-चना का प्रसाद लेकर व्रत खोलें
- ▸या अगले दिन बुधवार प्रातः पारण करें
21 मंगलवार व्रत का उद्यापन
- ▸21वें मंगलवार को विशेष पूजन
- ▸21 ब्राह्मण या जरूरतमंदों को भोजन
- ▸हनुमान जी को लाल वस्त्र चढ़ाएं
- ▸सुंदरकांड का सामूहिक पाठ





