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शिव पूजा⏱ 2 मिनट पठन

शिवलिंग पर पंचामृत क्यों चढ़ाते हैं?

पंचामृत क्यों: 5 द्रव्य (दूध-दही-घी-शहद-शर्करा) = 5 महाभूत। स्कंद पुराण: 5 ज्ञानेंद्रियों की शुद्धि। तैत्तिरीयोपनिषद: 5 कोश-पूजा। ब्रह्म पुराण: सर्व-कामना-सिद्धि, दीर्घायु।

संक्षिप्त उत्तर

पंचामृत क्यों: 5 द्रव्य (दूध-दही-घी-शहद-शर्करा) = 5 महाभूत। स्कंद पुराण: 5 ज्ञानेंद्रियों की शुद्धि। तैत्तिरीयोपनिषद: 5 कोश-पूजा। ब्रह्म पुराण: सर्व-कामना-सिद्धि, दीर्घायु। पंचामृत = सम्पूर्ण सृष्टि की शिव को अर्पणा। अंत में शुद्ध जल से अभिषेक अनिवार्य।

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विस्तृत उत्तर

पंचामृत अभिषेक का महत्त्व और कारण शिव पुराण एवं आगम शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है।

पंचामृत क्या है

पंचामृत = पाँच 'अमृत' पदार्थों का मिश्रण:

  1. 1दूध (क्षीर)
  2. 2दही (दधि)
  3. 3शुद्ध घी (घृत)
  4. 4शहद (मधु)
  5. 5शर्करा (चीनी/गुड़)

पंचामृत चढ़ाने के कारण

1पाँच तत्त्वों की पूजा

आगम शास्त्र: पंचामृत के पाँच द्रव्य = पाँच महाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रतीक। शिवलिंग = पंचभूतात्मक ब्रह्म। पंचामृत = सम्पूर्ण सृष्टि की शिव को अर्पणा।

2पाँच ज्ञानेंद्रियों की शुद्धि

स्कंद पुराण: प्रत्येक द्रव्य एक इंद्रिय को शुद्ध करता है — दूध (दृष्टि), दही (श्रवण), घी (गंध), शहद (स्वाद), शर्करा (स्पर्श)।

3पंच-कोश पूजा

तैत्तिरीयोपनिषद के अनुसार — पाँच द्रव्य = पाँच कोश (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय, आनंदमय) की पूजा।

4फल

ब्रह्म पुराण: पंचामृत अभिषेक = सर्व-कामना-सिद्धि, रोग-निवारण, दीर्घायु, सौभाग्य।

विधि: सभी पाँचों को एकसाथ या अलग-अलग अर्पित कर सकते हैं। पंचामृत अर्पण के बाद शुद्ध जल से अभिषेक अनिवार्य।

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पंचामृत क्या है

पंचामृत = पाँच 'अमृत' पदार्थों का मिश्रण: 1. दूध (क्षीर) 2. दही (दधि) 3. शुद्ध घी (घृत) 4. शहद (मधु) 5. शर्करा (चीनी/गुड़)

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शिवलिंग पर पंचामृत क्यों चढ़ाते हैं को संदर्भ सहित समझें

शिवलिंग पर पंचामृत क्यों चढ़ाते हैं का सबसे सीधा सार यह है: पंचामृत क्यों: 5 द्रव्य (दूध-दही-घी-शहद-शर्करा) = 5 महाभूत। स्कंद पुराण: 5 ज्ञानेंद्रियों की शुद्धि। तैत्तिरीयोपनिषद: 5 कोश-पूजा। ब्रह्म पुराण: सर्व-कामना-सिद्धि, दीर्घायु। पंचामृत = सम्पूर्ण सृष्टि की शिव को...

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