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तंत्र पंचमकार📜 कुलार्णव तंत्र, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तंत्र में मत्स्य का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

प्रतीकात्मक: प्राणायाम (इड़ा+पिंगला=2 मछलियां), इंद्रिय संयम। वास्तविक (वाम): मछली भोग। मत्स्येन्द्रनाथ: मछली रूप में शिव से ज्ञान। सामान्य = प्राणायाम/इंद्रिय संयम।

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विस्तृत उत्तर

मत्स्य (मछली) = पंचमकार तीसरा 'म':

प्रतीकात्मक (दक्षिण/कुलार्णव)

  • मत्स्य = प्राणायाम — इड़ा+पिंगला = दो 'मछलियां' (नाड़ियां) — इनका संयम = 'मत्स्य भोजन'।
  • या: 'ज्ञान गंगा में तैरती दो मछलियां' = श्वास-प्रश्वास — प्राण नियंत्रण।
  • या: 'मत्स्य = इंद्रियां' — इंद्रिय संयम = 'मत्स्य भक्षण'।

वास्तविक (वाम): मछली/मांस भोग — देवी अर्पण।

मत्स्येन्द्रनाथ: नाथ संप्रदाय गुरु = 'मत्स्य + इंद्र' — मछली रूप में शिव से तंत्र ज्ञान प्राप्त (पौराणिक)।

सामान्य: प्रतीकात्मक = प्राणायाम/इंद्रिय संयम।

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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र, तंत्र शास्त्र
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