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तंत्र प्रतीक📜 शैव/अघोर तंत्र1 मिनट पठन

तंत्र में खप्पर का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

त्याग/वैराग्य (भिक्षा पात्र), अहंकार शून्य (शिव भिक्षाटन), ब्रह्मा कपाल (शिव प्रायश्चित्त), शून्यता (खाली मन = ध्यान)। नारियल = अघोरी/नाथ सरल जीवन।

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विस्तृत उत्तर

खप्पर (भिक्षा पात्र — नारियल/कपाल) = तांत्रिक प्रतीक:

प्रतीक

  1. 1त्याग/वैराग्य: खप्पर = भिक्षा पात्र — 'मेरा कुछ नहीं, भिक्षा = ईश्वर दान।' संन्यासी/अघोरी।
  2. 2अहंकार शून्य: राजा भी भिक्षा मांगे = अहंकार नाश। शिव = 'भिक्षाटन' (भिक्षा लेने वाले)।
  3. 3ब्रह्मा कपाल: शिव ने ब्रह्मा का शिर काटा → खप्पर (कपाल) = शिव का भिक्षापात्र = ब्रह्म हत्या प्रायश्चित्त।
  4. 4शून्यता: खाली खप्पर = मन खाली (शून्य) = ध्यान सर्वोत्तम अवस्था।
  5. 5नारियल खप्पर: अघोरी/नाथ = नारियल कटोरा = सरल जीवन।

सार: खप्पर = त्याग + शून्यता + विनम्रता + शिव कृपा।

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शास्त्रीय स्रोत
शैव/अघोर तंत्र
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