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ध्यान अनुभव📜 मंत्र योग, नाद योग1 मिनट पठन

ध्यान में मंत्र अपने आप दोहराने लगे — इसका क्या अर्थ है?

संक्षिप्त उत्तर

अजपा जप ('बिना जपे जप') — सर्वशुभ। मंत्र सिद्धि निकट, ध्यान गहन, प्राण+मंत्र=एक। बहने दें — 'जप हो रहा है' = उत्तम। 'सोऽहम्' = श्वास अजपा (जन्म से)।

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विस्तृत उत्तर

मंत्र स्वतः = अजपा जप — सर्वशुभ:

अर्थ

  1. 1अजपा: 'अ + जप' = 'बिना जपे जप' → मंत्र = अवचेतन/चेतन में स्थापित → स्वतः चलता है।
  2. 2मंत्र सिद्धि संकेत: जप → अभ्यास → मंत्र = 'आपका हो गया' → स्वतः = सिद्धि निकट।
  3. 3प्राण + मंत्र: श्वास = 'सोऽहम्' (अजपा गायत्री)। मंत्र + श्वास = एक → स्वतः।
  4. 4ध्यान गहन: मन = मंत्रमय → विचार ↓ → मंत्र ↑ = सफल ध्यान।

क्या करें: बाधा न डालें! बहने दें। 'मैं जप कर रहा हूं' → 'जप हो रहा है' = transition = उत्तम।

'सोऽहम्' (स्वतः): श्वास अंदर = 'सो', बाहर = 'हम' = 'वह मैं हूं' = जन्म से अजपा।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र योग, नाद योग
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