📖
विस्तृत उत्तर
नीला प्रकाश = आज्ञा चक्र + जीवात्मा:
अर्थ
- 1आज्ञा चक्र सक्रिय: तीसरी आंख जागरण शुरू।
- 2जीवात्मा दर्शन: अपनी आत्मा का रंग = नीला (शास्त्रीय)।
- 3ध्यान गहन: सामान्य ध्यान → गहन = रंग बदलाव।
- 4कृष्ण/विष्णु: नीला = कृष्ण रंग — भक्ति अनुभव (कुछ)।
क्या करें: घबराएं नहीं। साक्षी बनें। नीले में न उलझें — 'शून्य' की ओर आगे बढ़ें।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?