विस्तृत उत्तर
मैथुन = पंचमकार पांचवां 'म' — आध्यात्मिक अर्थ:
प्रतीकात्मक (दक्षिण — कुलार्णव/महानिर्वाण)
- ▸मैथुन = शिव-शक्ति मिलन — कुंडलिनी (शक्ति) + सहस्रार (शिव) = आंतरिक मिलन।
- ▸जीवात्मा + परमात्मा = मिलन = मोक्ष।
- ▸'सहस्रार में शिव-शक्ति मिलन' = यही सच्चा 'मैथुन'।
वास्तविक (वाम — अत्यंत गोपनीय)
- ▸कुछ तांत्रिक परंपराओं में = कुंडलिनी साधना विधि। अत्यंत उन्नत + गुरु।
- ▸सामान्य भक्तों के लिए = कभी नहीं। दुरुपयोग = पाप।
सामान्य भक्त: प्रतीकात्मक अर्थ = शिव-शक्ति/जीवात्मा-परमात्मा मिलन। कुंडलिनी ध्यान।
needs_review: अत्यंत संवेदनशील — विधि विवरण अनुचित।





