विस्तृत उत्तर
विनियोग = मंत्र जप से पूर्व मंत्र का 'परिचय' देना — मंत्र की पूर्ण शक्ति जागृत करने हेतु:
विनियोग के 6 अंग
- 1ऋषि — मंत्र के द्रष्टा (रचयिता)। जैसे: महामृत्युंजय = वशिष्ठ/मार्कण्डेय ऋषि।
- 2छन्द — मंत्र की लय/गति। जैसे: अनुष्टुप, त्रिष्टुप।
- 3देवता — मंत्र के अधिष्ठाता देवता। जैसे: शिव/रुद्र/त्र्यंबक।
- 4बीज — मंत्र का बीजाक्षर। जैसे: 'ॐ'।
- 5शक्ति — मंत्र की शक्ति। जैसे: 'ह्रीं'।
- 6कीलक — मंत्र का 'ताला' (unlock)।
विनियोग कैसे करें
जप आरंभ से पहले हाथ में जल लेकर बोलें:
अस्य श्री [मंत्र नाम] महामंत्रस्य [ऋषि] ऋषिः, [छन्द] छन्दः, [देवता] देवता, [बीज] बीजम्, [शक्ति] शक्तिः, [कीलक] कीलकम्, [उद्देश्य] विनियोगः।' — जल छोड़ दें।
महामृत्युंजय विनियोग उदाहरण
अस्य श्री महामृत्युंजय मंत्रस्य वशिष्ठ ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, त्र्यंबक देवता, ॐ बीजम्, ह्रीं शक्तिः, क्लीं कीलकम्, मोक्षार्थे विनियोगः।
सरल विकल्प: विनियोग न आता हो तो 'ॐ नमः शिवाय' 3 बार जपकर जप आरंभ — भक्ति भाव ही विनियोग।





