विस्तृत उत्तर
शिव संकल्प सूक्त शुक्ल यजुर्वेद (अध्याय 34, मंत्र 1-6) का अत्यंत प्राचीन और शक्तिशाली सूक्त है:
विषय: मन को शिव (मंगलकारी/शुभ) संकल्प में स्थिर करने की प्रार्थना। प्रत्येक मंत्र 'तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु' से समाप्त — 'मेरा मन शिव (शुभ) संकल्प वाला हो।'
पाठ विधि
- 1प्रातःकाल, स्नान बाद, शुद्ध वस्त्र।
- 2शांत स्थान, पूर्व/उत्तर दिशा में मुख।
- 3दीपक जलाएं।
- 46 मंत्रों का क्रमशः शुद्ध उच्चारण — वैदिक स्वर (उदात्त-अनुदात्त-स्वरित) ध्यान रखें।
- 5यदि वैदिक स्वर न आएं — श्रद्धापूर्वक सामान्य पाठ भी शुभ।
- 61 बार या 3 बार पाठ।
विशेष अवसर: परीक्षा, महत्वपूर्ण निर्णय, मानसिक अशांति, ध्यान साधना से पूर्व।
लाभ: मन की शुद्धि, संकल्प शक्ति, एकाग्रता, बुद्धि तीक्ष्णता, मानसिक शांति।





