ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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शिव मंत्र📜 मंत्र शास्त्र, शिव पुराण1 मिनट पठन

श्रावण मास में शिव मंत्र जप का अनुष्ठान कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

संकल्प → सवा लाख (1,25,000) या यथाशक्ति → दैनिक ÷30 → ब्रह्ममुहूर्त/प्रदोष → रुद्राक्ष माला → सात्विक नियम → समापन: हवन+दान। सरल: 108/दिन पूरे सावन = ~3,240। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय।

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विस्तृत उत्तर

श्रावण मास में शिव मंत्र अनुष्ठान विशेष फलदायी:

अनुष्ठान विधि

  1. 1मंत्र चयन: 'ॐ नमः शिवाय' (सर्वसुलभ) या महामृत्युंजय (विशेष उद्देश्य)।
  2. 2संकल्प: सावन प्रथम दिन/सोमवार — संकल्प: 'मैं श्रावण मास में [संख्या] जप पूर्ण करूंगा/करूंगी।'
  3. 3संख्या: 1,25,000 (सवा लाख — पूर्ण अनुष्ठान) या 11,000 या यथाशक्ति।
  4. 4दैनिक जप: कुल संख्या ÷ 30 दिन = दैनिक जप। जैसे 1,25,000 ÷ 30 = ~4,167/दिन (~39 माला)।
  5. 5समय: प्रातः ब्रह्ममुहूर्त या प्रदोष काल — नियत समय।
  6. 6आसन: ऊनी/कुश आसन, शिवलिंग/शिव चित्र समक्ष, उत्तर/पूर्व मुख।
  7. 7माला: रुद्राक्ष माला (108 दाने)।
  8. 8नियम: सात्विक आहार, ब्रह्मचर्य, सत्य बोलना। भूमि शयन (संभव हो तो)।
  9. 9समापन: अनुष्ठान पूर्ण होने पर हवन (जप का 1/10 = हवन), तर्पण, मार्जन, ब्राह्मण भोजन, दान।

सरल विकल्प: प्रतिदिन 108 बार (1 माला) — पूरे सावन = ~3,240 जप। यह भी शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
मंत्र शास्त्र, शिव पुराण
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