विस्तृत उत्तर
शिव मंत्र सहित अधिकांश मंत्र जप में तर्जनी अंगुली (index finger) से माला का स्पर्श वर्जित माना गया है। इसके कई शास्त्रीय कारण हैं:
1अहंकार का प्रतीक
तर्जनी अंगुली को 'अहंकार' का प्रतीक माना गया है। जब हम किसी को उंगली दिखाते हैं या इशारा करते हैं, तो तर्जनी का ही प्रयोग होता है। यह 'मैं' भाव (ego) का सूचक है। मंत्र जप में अहंकार का त्याग आवश्यक है, इसलिए इस अंगुली का प्रयोग निषिद्ध है।
2शास्त्रीय विधान
मंत्र शास्त्र में स्पष्ट कहा गया है कि माला जप में तर्जनी अंगुली से माला का स्पर्श नहीं होना चाहिए।
सही विधि — किस अंगुली से जप करें
- ▸माला को दाहिने हाथ में रखें।
- ▸अंगूठे और मध्यमा अंगुली से माला फेरें — यह सामान्य और सर्वमान्य विधि है।
- ▸कुछ विशेष उद्देश्यों के लिए भिन्न विधि भी है:
- ▸मध्यमा अंगुली: सामान्य जप, भौतिक सुख-समृद्धि
- ▸अनामिका अंगुली: मोक्ष प्राप्ति के लिए
- ▸तर्जनी अंगुली: केवल शत्रु-मारण आदि अभिचार कर्मों में (जो सामान्य भक्त के लिए वर्जित ही है)
3ऊर्जा प्रवाह
तर्जनी अंगुली से निकलने वाली ऊर्जा मंत्र जप की सात्विक ऊर्जा के अनुकूल नहीं मानी गई है।
गोमुखी का लाभ
गोमुखी (जप थैली) में जप करने से तर्जनी स्वतः बाहर रहती है और माला को स्पर्श नहीं करती। यही कारण है कि गोमुखी का प्रयोग विशेष रूप से सुझाया जाता है।





