विस्तृत उत्तर
विवाह बाधा दूर करने के लिए शिव-पार्वती से संबंधित कई मंत्रों का शास्त्रों और परंपरा में विधान है:
1स्वयंवर पार्वती मंत्र (सर्वाधिक प्रसिद्ध)
यह मंत्र माता पार्वती को ऋषि दुर्वासा से प्राप्त हुआ था। इसी मंत्र के जप से माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। यह मंत्र पार्वती स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक के प्रथम अक्षर को जोड़कर बना है। सोमवार को 108 बार जप का विधान है।
2गौरी-शंकर मंत्र
हे गौरी शंकर अर्धागिनी यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी कान्त कान्ता सुदुर्लभम्॥
इस मंत्र का 108 बार जप शिव-पार्वती की प्रतिमा या चित्र के सामने करना चाहिए।
3पार्वतीपतये मंत्र
ॐ पार्वतीपतये नमः' — शिव को पार्वती के पति रूप में स्मरण करने वाला यह मंत्र विवाह बाधा दूर करने में सहायक माना गया है।
4विवाह कामना मंत्र
'ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ही ॐ गौरा पार्वती देव्यै नमः'
इसका प्रतिदिन 108 बार जप करने से विवाह बाधा दूर होती है।
5सोमेश्वर मंत्र
ॐ सोमेश्वराय नमः' — प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक करते हुए इस मंत्र का एक माला जप करें।
सामान्य विधान
- ▸16 सोमवार व्रत रखें और शिव मंदिर में जलाभिषेक करें।
- ▸रामचरितमानस में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का नियमित पाठ करें।
- ▸गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करने का भी विधान है।
- ▸सावन के सोमवार विशेष फलदायी माने गए हैं।
ध्यान रखें: विवाह बाधा के ज्योतिषीय कारणों (मांगलिक दोष, सप्तम भाव दोष आदि) का निदान भी किसी विद्वान ज्योतिषी से कराना उचित है।





