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कुंडलिनी📜 हठ योग प्रदीपिका, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तंत्र में इड़ा-पिंगला और सुषुम्ना नाड़ी का क्या अर्थ है?

संक्षिप्त उत्तर

इड़ा: बाईं, चंद्र, शीतल, मन। पिंगला: दाहिनी, सूर्य, ऊष्ण, प्राण। सुषुम्ना: मध्य (रीढ़), कुंडलिनी मार्ग = सबसे महत्वपूर्ण। लक्ष्य: इड़ा+पिंगला संतुलन → सुषुम्ना → मोक्ष। अनुलोम-विलोम।

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विस्तृत उत्तर

तीन प्रमुख नाड़ियां (72,000 में से):

| नाड़ी | स्थान | तत्व | गुण |

|--------|--------|------|------|

| इड़ा | बाईं ओर | चंद्र | शीतल, स्त्री, मन |

| पिंगला | दाहिनी ओर | सूर्य | ऊष्ण, पुरुष, प्राण |

| सुषुम्ना | मध्य (रीढ़) | अग्नि | संतुलन, आध्यात्मिक |

अर्थ

  • इड़ा = बायां नासिका → दायां मस्तिष्क (creative)। चंद्र/शक्ति।
  • पिंगला = दायां नासिका → बायां मस्तिष्क (logical)। सूर्य/शिव।
  • सुषुम्ना = कुंडलिनी मार्ग — मूलाधार→सहस्रार। सबसे महत्वपूर्ण।

लक्ष्य: इड़ा+पिंगला संतुलित → सुषुम्ना खुले → कुंडलिनी ऊर्ध्वगमन → मोक्ष।

साधना: अनुलोम-विलोम (नाड़ी शोधन) = इड़ा-पिंगला संतुलन = सुषुम्ना खुलने की तैयारी।

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शास्त्रीय स्रोत
हठ योग प्रदीपिका, तंत्र शास्त्र
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