ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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श्री गणेश चालीसा - संपूर्ण पाठ एवं अर्थ

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श्री गणेश चालीसा

दोहा:

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

चौपाई:

जय जय जय गणपति गणराजू।
मंगल भरण करण शुभ काजू॥
जय गजबदन सदन सुखदाता।
विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

अर्थ: हे टेढ़ी सूंड वाले, विशाल शरीर वाले, करोड़ों सूर्यों के समान प्रकाशमान, मेरे सभी कार्यों को सदा निर्विघ्न कीजिए।

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