विस्तृत उत्तर
भगवान गणेश के कई प्रभावी मंत्र हैं:
बीज मंत्र — 'ॐ गं गणपतये नमः' — यह सबसे सरल और सर्वप्रभावी गणेश मंत्र है। 'गं' गणेश का बीजाक्षर है। इसे नित्य 108 बार जपने से बुद्धि, एकाग्रता, बाधा-निवारण और मनोकामना-पूर्ति होती है।
स्तुति मंत्र — 'वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥' — यह सबसे लोकप्रिय गणेश मंत्र है। अर्थ — हे टेढ़े मुख और विशाल शरीर वाले, करोड़ सूर्यों के समान प्रकाशमान देव, मेरे सभी कार्यों में सदा विघ्न-रहित करो। हर शुभ कार्य आरंभ में यह बोला जाता है।
गणेश गायत्री — 'ॐ एकदंताय विद्महे। वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दंतिः प्रचोदयात्॥' — विशेष साधना और बुद्धि-वर्धन के लिए।
षट्पदी मंत्र — 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा' — धन, यश और सर्वमनोकामना पूर्ति के लिए यह तांत्रिक मंत्र प्रभावी है।
कौन सा कब — नित्य जप 'ॐ गं गणपतये नमः'। कार्यारंभ में 'वक्रतुण्ड महाकाय...'। विशेष साधना में गणेश गायत्री।





