विस्तृत उत्तर
मांस = पंचमकार में दूसरा 'म' — आध्यात्मिक अर्थ:
वास्तविक (वाम): पशु बलि/मांस भोग — देवी को अर्पण।
प्रतीकात्मक (दक्षिण — कुलार्णव)
- ▸मांस = जिह्वा संयम — 'मा' = जिह्वा, 'अंस' = संयम।
- ▸वाणी पर नियंत्रण — निंदा/झूठ/कठोर वचन = त्याग = 'मांस बलि'।
- ▸या: 'मन' का 'अंश' = मन के विकार (क्रोध/लोभ) = 'मांस' — इन्हें देवी को अर्पित।
गहन: शरीर = 'मांस' — शरीर अहंकार का त्याग = सच्ची बलि। 'मैं' का बलिदान।
सामान्य: प्रतीकात्मक = जिह्वा/मन संयम। वास्तविक = परंपरा विशेष (बंगाल/असम)।





