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तंत्र पंचमकार📜 कुलार्णव तंत्र, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तंत्र में मांस का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

वास्तविक: पशु/मांस भोग (बंगाल/असम)। प्रतीकात्मक (कुलार्णव): 'जिह्वा संयम' — वाणी नियंत्रण, मन विकार त्याग, शरीर अहंकार बलि। सामान्य = प्रतीकात्मक।

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विस्तृत उत्तर

मांस = पंचमकार में दूसरा 'म' — आध्यात्मिक अर्थ:

वास्तविक (वाम): पशु बलि/मांस भोग — देवी को अर्पण।

प्रतीकात्मक (दक्षिण — कुलार्णव)

  • मांस = जिह्वा संयम — 'मा' = जिह्वा, 'अंस' = संयम।
  • वाणी पर नियंत्रण — निंदा/झूठ/कठोर वचन = त्याग = 'मांस बलि'।
  • या: 'मन' का 'अंश' = मन के विकार (क्रोध/लोभ) = 'मांस' — इन्हें देवी को अर्पित।

गहन: शरीर = 'मांस' — शरीर अहंकार का त्याग = सच्ची बलि। 'मैं' का बलिदान।

सामान्य: प्रतीकात्मक = जिह्वा/मन संयम। वास्तविक = परंपरा विशेष (बंगाल/असम)।

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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र, तंत्र शास्त्र
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