तांत्रिक साधना में मैथुन का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?
की चेकलिस्ट
प्रतीकात्मक: शिव-शक्ति/जीवात्मा-परमात्मा मिलन = कुंडलिनी+सहस्रार = आंतरिक। वास्तविक (वाम): गोपनीय, गुरु, सामान्य = कभी नहीं। दुरुपयोग = पाप। कुंडलिनी ध्यान = सच्चा अर्थ।
- 1मैथुन = शिव-शक्ति मिलन — कुंडलिनी (शक्ति) + सहस्रार (शिव) = आंतरिक मिलन।
- 2जीवात्मा + परमात्मा = मिलन = मोक्ष।
- 3'सहस्रार में शिव-शक्ति मिलन' = यही सच्चा 'मैथुन'।
- 4कुछ तांत्रिक परंपराओं में = कुंडलिनी साधना विधि। अत्यंत उन्नत + गुरु।
- 5सामान्य भक्तों के लिए = कभी नहीं। दुरुपयोग = पाप।
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तंत्र पंचमकार
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