ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

तांत्रिक साधना में मैथुन का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

की चेकलिस्ट

प्रतीकात्मक: शिव-शक्ति/जीवात्मा-परमात्मा मिलन = कुंडलिनी+सहस्रार = आंतरिक। वास्तविक (वाम): गोपनीय, गुरु, सामान्य = कभी नहीं। दुरुपयोग = पाप। कुंडलिनी ध्यान = सच्चा अर्थ।

  1. 1मैथुन = शिव-शक्ति मिलन — कुंडलिनी (शक्ति) + सहस्रार (शिव) = आंतरिक मिलन।
  2. 2जीवात्मा + परमात्मा = मिलन = मोक्ष।
  3. 3'सहस्रार में शिव-शक्ति मिलन' = यही सच्चा 'मैथुन'।
  4. 4कुछ तांत्रिक परंपराओं में = कुंडलिनी साधना विधि। अत्यंत उन्नत + गुरु।
  5. 5सामान्य भक्तों के लिए = कभी नहीं। दुरुपयोग = पाप।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
तंत्र पंचमकार

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।