विस्तृत उत्तर
वज्र = बहुस्तरीय प्रतीक:
- 1अविनाशी: वज्र = हीरा = अविनाशी = आत्मा/ब्रह्म। 'वज्र जैसा दृढ़ = साधक संकल्प।'
- 2इंद्र शस्त्र: वैदिक — इंद्र = वज्रधारी। वृत्र वध = अज्ञान/बाधा नाश।
- 3सुषुम्ना: कुछ तंत्र: वज्र = सुषुम्ना नाड़ी (रीढ़) — कुंडलिनी मार्ग।
- 4बौद्ध तंत्र: वज्रयान = 'वज्र + यान' = हीरा मार्ग। वज्र = शून्यता + करुणा।
- 5शक्ति: वज्र = अचूक शक्ति — बाधा भेदन।
तांत्रिक: वज्र मुद्रा, वज्रासन = दृढ़ता + अविनाशी संकल्प।





