विस्तृत उत्तर
माँ काली की उपासना वामाचार और दक्षिणाचार दोनों ही पद्धतियों से की जाती है:
दक्षिणाचार:
— सात्विक पूजा-पाठ, मंत्र जप और ध्यान प्रमुख होते हैं।
वामाचार:
— पंचमकार (मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, मैथुन) का प्रतीकात्मक या वास्तविक प्रयोग किया जा सकता है।
— यह अत्यंत गूढ़ और विवादास्पद विषय है।
— केवल अत्यंत उन्नत और योग्य साधकों के लिए गुरु के निर्देशन में ही संभव है।
— श्मशान साधना सामान्यतः वामाचार से संबंधित मानी जाती है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





