विस्तृत उत्तर
माँ काली का श्मशान काली स्वरूप विशेष रूप से उन साधकों के लिए है जो भोग और भय दोनों पर विजय प्राप्त कर चुके हों।
श्मशान में साधना मृत्यु के भय पर विजय और भौतिकता से वैराग्य का प्रतीक है, जो साधक को सांसारिक सीमाओं से परे ले जाती है।
श्मशान काली का भयनाशक रूप साधक को मृत्यु के भय से मुक्त करता है।
यह जीवन के द्वंद्वों (जैसे सृजन-संहार, भय-अभय) को स्वीकार करने और उनसे परे जाने का प्रतीक है।
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