वामाचार और दक्षिणाचारमाँ त्रिपुर भैरवी की साधना वामाचारी क्यों मानी जाती है?त्रिपुर भैरवी साधना वामाचारी क्यों: भैरवी-छिन्नमस्ता-धूमावती = वामाचारी प्रक्रिया। घर से दूर, आत्म-साक्षात्कारी तंत्र गुरु के मार्गदर्शन में। कारण: भैरवी देवी की कोई पूर्ण सात्विक पूजा नहीं हो सकती।#वामाचार#घर से दूर#तंत्र गुरु
गुरु तत्व और गुरु कृपातंत्र मार्ग में गुरु कौन होते हैं?तंत्र मार्ग में गुरु केवल शिक्षक नहीं बल्कि साक्षात शिव-स्वरूप और एक सार्वभौमिक तत्त्व हैं — 'गु' = अज्ञान अंधकार, 'रु' = ज्ञान प्रकाश से नष्ट करने वाले।
गुरु महत्वतंत्र साधना में गुरु क्यों जरूरी है?तंत्र में गुरु इसलिए जरूरी हैं क्योंकि: वे शक्तिपात से मंत्र को सक्रिय करते हैं, परंपरा की ऊर्जा-श्रृंखला देते हैं, व्यक्तिगत मार्गदर्शन करते हैं और साधना की कठिनाइयों में रक्षा करते हैं। बिना गुरु के गायत्री मंत्र और भक्ति मार्ग अपनाएं।#गुरु#दीक्षा#शक्तिपात