तंत्र मार्ग में गुरु कौन होते हैं का सबसे सीधा सार यह है: तंत्र मार्ग में गुरु केवल शिक्षक नहीं बल्कि साक्षात शिव-स्वरूप और एक सार्वभौमिक तत्त्व हैं — 'गु' = अज्ञान अंधकार, 'रु' = ज्ञान प्रकाश से नष्ट करने वाले।
गुरु तत्व और गुरु कृपा जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•गुरु तत्व और गुरु कृपा श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।