विस्तृत उत्तर
भगवान भैरव, जो भगवान शिव के एक अत्यंत प्रचंड और गहन स्वरूप हैं, हिंदू धर्म में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं। उन्हें प्रायः संहारक के रूप में देखा जाता है, परंतु उनका स्वरूप इससे कहीं अधिक गहरा है।
शास्त्र उन्हें समय (काल) के परम नियंत्रक, पापों के भक्षक, और अहंकार के विनाशक के रूप में प्रतिष्ठित करते हैं।
वे केवल विनाश की शक्ति नहीं, बल्कि उस परम चेतना का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सृष्टि के चक्र से परे है।





