विस्तृत उत्तर
८ मुखी रुद्राक्ष वसुमूर्ति और भैरव (अष्टमातृका) का स्वरूप है। इसका संबद्ध ग्रह राहु है और बीज मंत्र 'ॐ हुं नमः' है। यह धारक को पूर्णायु (लंबी आयु) प्रदान करता है और मृत्यु के उपरांत शिव-रूप की प्राप्ति कराता है।
८ मुखी रुद्राक्ष भैरव स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ हुं नमः' है और यह पूर्णायु प्रदान करता है।
८ मुखी रुद्राक्ष वसुमूर्ति और भैरव (अष्टमातृका) का स्वरूप है। इसका संबद्ध ग्रह राहु है और बीज मंत्र 'ॐ हुं नमः' है। यह धारक को पूर्णायु (लंबी आयु) प्रदान करता है और मृत्यु के उपरांत शिव-रूप की प्राप्ति कराता है।
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।