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विस्तृत उत्तर
रुद्राक्ष, जिसे भगवान शिव के नेत्रों का अश्रु-बिंदु माना जाता है, केवल एक आध्यात्मिक प्रतीक मात्र नहीं है, अपितु यह एक गहन ऊर्जा-तंत्र है जिसका वर्णन और विधान प्राचीनतम शास्त्रों, उपनिषदों और तंत्र-ग्रंथों में निहित है। यह भगवान शिव के अश्रुओं से उत्पन्न एक जीवंत आध्यात्मिक उपकरण है।
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