विस्तृत उत्तर
शिव पुराण के विद्येश्वर संहिता (अध्याय २५, श्लोक ८३) में बहुत गंभीर चेतावनी दी गई है। श्लोक का सार है—'बिना मंत्रण योद्धते रुद्राक्ष मानव... सया नरकम घोरम...' अर्थात् जो मनुष्य बिना मंत्र और शास्त्रीय विधान के रुद्राक्ष धारण करता है, वह घोर नरक में पड़ता है। अतः रुद्राक्ष को जाग्रत करना अनिवार्य है।





