विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार ८ मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति मृत्यु के उपरांत भगवान शिव के रूप को प्राप्त करता है। यह राहु ग्रह के प्रतिकूल प्रभावों को भी कम करता है।
८ मुखी रुद्राक्ष मृत्यु के बाद क्या फल प्रदान करता है को संदर्भ सहित समझें
८ मुखी रुद्राक्ष मृत्यु के बाद क्या फल प्रदान करता है का सबसे सीधा सार यह है: ८ मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति मृत्यु के बाद शिव-लोक या शिव-रूप प्राप्त करता है।
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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८ मुखी रुद्राक्ष का देवता और मंत्र क्या है?
८ मुखी रुद्राक्ष भैरव स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ हुं नमः' है और यह पूर्णायु प्रदान करता है।
रुद्राक्ष क्या है और इसकी उत्पत्ति का रहस्य क्या है?
रुद्राक्ष भगवान शिव के नेत्रों का अश्रु-बिंदु है, जो एक गहन ऊर्जा-तंत्र और आध्यात्मिक उपकरण माना जाता है।
१ मुखी रुद्राक्ष धारण करने के शास्त्रीय फल और लाभ क्या हैं?
१ मुखी रुद्राक्ष सांसारिक सुख, मोक्ष और ब्रह्म-हत्या जैसे पापों का नाश कर साधक को परम-तत्त्व में लीन करता है।
५ मुखी रुद्राक्ष के देवता और ज्योतिषीय लाभ क्या हैं?
५ मुखी रुद्राक्ष कालाग्नि रुद्र स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ ह्रीं नमः' है और यह अभक्ष्य भक्षण जैसे पापों का नाश करता है।
६ मुखी रुद्राक्ष किस देवता का स्वरूप है और इसका मंत्र क्या है?
६ मुखी रुद्राक्ष कार्तिकेय स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ ह्रीं हुं नमः' है और यह आरोग्य तथा ऐश्वर्य प्रदान करता है।
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