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राहु से जुड़े सभी प्रश्न(27)

राहु पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 27 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

राहु से सिद्धलोक कितनी दूरी पर है?

भागवत (५.२४.४) के अनुसार राहु से दस हजार योजन (अस्सी हजार मील) नीचे सिद्धलोक, चारणलोक और विद्याधरलोक स्थित हैं जो भुवर्लोक के सर्वोच्च क्षेत्र हैं।

#राहु#सिद्धलोक#दूरी
लोक

राहु ग्रह का भुवर्लोक से क्या संबंध है?

राहु ग्रह सूर्य से दस हजार योजन नीचे है और राहु के नीचे से भुवर्लोक की सर्वोच्च सीमा शुरू होती है जहाँ सिद्धलोक, चारणलोक और विद्याधरलोक हैं।

#राहु#भुवर्लोक#सूर्यमंडल
लोक

भुवर्लोक की ऊपरी सीमा कहाँ है और निचली सीमा कहाँ से शुरू होती है?

भुवर्लोक की निचली सीमा पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपर से और ऊपरी सीमा राहु ग्रह के नीचे तक है। इसके बीच सिद्धलोक, चारणलोक और विद्याधरलोक हैं।

#भुवर्लोक#सीमा#राहु
ज्योतिष

राहु मंत्र का जप राहु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18,000। सरल: 'ॐ रां राहवे नमः' 108 नित्य। शनिवार/बुधवार रात्रि, काले वस्त्र, गोमेद/रुद्राक्ष माला, सरसों दीपक। 40 दिन। दुर्गा सप्तशती भी प्रभावी। ज्योतिषी परामर्श।

#राहु#मंत्र#दोष
ज्योतिष उपाय

राहु शांति के लिए दान क्या करें?

काले तिल, नारियल(नदी प्रवाहित), काला कंबल, सरसों, लोहा, उड़द, छाया दान, मछली(नदी)। राहु काल में=विशेष। सबसे सरल: नारियल+तिल+उड़द।

#राहु#दान#शांति
दोष निवारण

विदेशी यात्रा के लिए मंत्र

वीज़ा और विदेश यात्रा में आ रही सभी बाधाओं को दूर करने के लिए रात्रि के समय राहु ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का संकल्पित जप करना चाहिए।

#विदेशी यात्रा#राहु#वीज़ा
दोष निवारण

चोरी हुई चीज वापस पाने का मंत्र

चोरी हुई या खोई वस्तु को पुनः प्राप्त करने के लिए मंगलवार को लाल आसन पर बैठकर भगवान कार्तिकेय के मंत्र 'ॐ शरवणभवाय नमः' या राहु के बीज मंत्र का जप करना चाहिए।

#खोई वस्तु#कार्तिकेय#राहु
दोष निवारण

विदेश यात्रा में आ रही बाधा दूर करने का मंत्र

वीज़ा और विदेश यात्रा की बाधाओं को दूर करने के लिए राहु के बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' और भगवान काल भैरव की उपासना करनी चाहिए।

#विदेश यात्रा#राहु#भैरव
लोक

कीर्तिमुख की उत्पत्ति कैसे हुई?

कीर्तिमुख शिव के क्रोध से राहु को दंड देने के लिए प्रकट हुआ।

#कीर्तिमुख उत्पत्ति#शिव#राहु
लोक

कीर्तिमुख कौन है?

कीर्तिमुख शिव के क्रोध से प्रकट आज्ञाकारी शिवगण है।

#कीर्तिमुख#शिव गण#राहु
लोक

सूर्य और चंद्र ने राहु को क्यों पहचान लिया?

सूर्य और चंद्र ने देवताओं की पंक्ति में बैठे स्वर्भानु असुर को पहचानकर विष्णु को संकेत दिया।

#सूर्य चंद्र#राहु#अमृत
लोक

राहु ने अमृत कैसे पी लिया?

स्वर्भानु असुर देवता का वेश बनाकर बैठा और अमृत पी लिया, जिससे राहु बना।

#राहु#अमृत#मोहिनी
ग्रह दोष निवारण

कालसर्प दोष के लिए बटुक भैरव साधना कैसे करें?

कालसर्प दोष के लिए कालाष्टमी पर भैरव के सामने दीपक जलाकर मंत्र जपें: 'ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय। कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा।'

#कालसर्प दोष#राहु#केतु
कालसर्प दोष: परिचय और कारण

राहु का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

राहु अतृप्त इच्छाओं (वासना), भ्रम और भविष्य की असीमित भौतिक आकांक्षाओं का प्रतीक है।

#राहु#आध्यात्मिक अर्थ#वासना
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

८ मुखी रुद्राक्ष का देवता और मंत्र क्या है?

८ मुखी रुद्राक्ष भैरव स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ हुं नमः' है और यह पूर्णायु प्रदान करता है।

#8 मुखी#भैरव#राहु
योग निर्माण

क्या नल योग में राहु और केतु को गिना जाता है?

नहीं, राहु और केतु 'छाया ग्रह' हैं जिनका कोई भौतिक शरीर नहीं होता। इसलिए नल योग या किसी भी 'नाभस योग' में इन्हें नहीं गिना जाता है।

#राहु#केतु#छाया ग्रह
पंचांग एवं ज्योतिष

शतभिषा नक्षत्र क्या होता है?

शतभिषा 27 नक्षत्रों में 24वाँ। कुंभ 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता वरुण। प्रतीक खाली वृत्त। चिकित्सा-अनुसंधान के लिए अनुकूल। जन्म में स्वतंत्र विचारक, रहस्यप्रिय, उपचारकर्ता।

#शतभिषा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

स्वाति नक्षत्र क्या होता है?

स्वाति 27 नक्षत्रों में पंचदश। तुला 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता वायु। प्रतीक उड़ता तिनका। व्यापार-साझेदारी के लिए शुभ। जन्म में स्वतंत्र, अनुकूलनशील, व्यापारकुशल, कूटनीतिक।

#स्वाति नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

आर्द्रा नक्षत्र क्या होता है?

आर्द्रा 27 नक्षत्रों में षष्ठ। मिथुन 6°40'–20°। स्वामी राहु, देवता रुद्र। प्रतीक आँसू-बूँद। चिकित्सा-शत्रु-नाश के लिए अनुकूल। जन्म में बुद्धिमान, भावुक, तकनीकी-प्रवण।

#आर्द्रा नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
ज्योतिष दोष एवं उपाय

लाल किताब राहु दोष निवारण

लाल किताब राहु: चांदी गेंद, काला कुत्ता रोटी, नारियल प्रवाहित, जौ/सरसों बहते पानी, नीला/काला दान। सरल/घरेलू। शास्त्रीय प्रामाणिकता विवादित।

#लाल किताब#राहु#निवारण
ज्योतिष दोष एवं उपाय

राहु को प्रसन्न करने की पूजा

दुर्गा पूजा (सर्वोत्तम), राहु काल में दुर्गा मंत्र, 'ॐ रां राहवे नमः', सरस्वती (भ्रम नाश), नागपंचमी। गोमेद, 8 मुखी। सत्य+बुजुर्ग सम्मान।

#राहु#पूजा#प्रसन्न
स्तोत्र एवं पाठ

राहु दोष के लिए कौन सा पाठ

दुर्गा सप्तशती/कुंजिका (सर्वोत्तम), 'ॐ रां राहवे नमः', राहु कवच, सरस्वती (भ्रम नाश)। गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष।

#राहु#दोष#पाठ
ज्योतिष दोष एवं उपाय

राहु केतु दोष से कैसे बचें

राहु: दुर्गा पूजा, 'ॐ रां राहवे नमः', गोमेद, 8 मुखी रुद्राक्ष। केतु: गणेश पूजा, 'ॐ कें केतवे नमः', लहसुनिया, 9 मुखी। सार्वभौमिक: महामृत्युंजय + हनुमान + शिव।

#राहु#केतु#दोष
ज्योतिष उपाय

राहु दोष निवारण मंत्र?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 108। मूल: 'ॐ रां राहवे नमः' 18000। दुर्गा मंत्र, गणपति अथर्वशीर्ष, महामृत्युंजय। शनि/बुधवार शाम। गोमेद(ज्योतिषी)।

#राहु#मंत्र#निवारण
रत्न शास्त्र

गोमेद रत्न से राहु दोष दूर होता है क्या?

गोमेद=राहु। हाँ राहु दोष शमन। मध्यमा, चांदी, शनिवार शाम, 'ॐ रां राहवे नमः'। 15-30 दिन। ज्योतिषी सलाह।

#गोमेद#राहु
शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने का तांत्रिक और पौराणिक महत्व क्या है?

पौराणिक: समुद्र मंथन — विष शांत करने हेतु शिव को धतूरा अर्पित। विष ही विष काटता है। प्रकृति पूजा — त्याज्य वस्तु भी शिव-प्रिय। तांत्रिक: राहु-केतु दोष शांति। शत्रु नाश, बाधा निवारण। तमोगुण का शिव को समर्पण। फल और सफेद फूल दोनों अर्पित करें। स्वयं सेवन कभी न करें — विषैला है।

#धतूरा#शिवलिंग#समुद्र मंथन
ज्योतिष उपाय

राहु महादशा में क्या उपाय करें?

18 वर्ष। 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे' 108(बुध/शनिवार शाम), दुर्गा पूजा(राहु नियंत्रक), गणपति अथर्वशीर्ष, नागपंचमी। दान: नारियल नदी, तिल, उड़द, कंबल। गोमेद(ज्योतिषी)। नशा/झूठ=वर्जित। शुभ राहु=विदेश/IT/राजनीति उन्नति।

#राहु#महादशा#18 वर्ष
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