विस्तृत उत्तर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लंबी दूरी की यात्रा, समुद्र पार करना (विदेश यात्रा), और विदेशी भूमि पर बसने का मुख्य कारक 'राहु' ग्रह होता है। जब वीज़ा (Visa) लगने में अड़चनें आ रही हों या कागजी कार्रवाई बार-बार अटक रही हो, तो राहु देव की शांति और प्रसन्नता आवश्यक होती है।
विदेश यात्रा की बाधाओं को दूर करने के लिए राहु का तांत्रिक बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' सबसे अधिक फलदायी है। इस मंत्र का जप सूर्यास्त के बाद (रात्रि में) नीले या काले वस्त्र पहनकर चंदन या रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए। इसके साथ ही राहु के अधिपति देवता भगवान काल भैरव या माता सरस्वती की पूजा करने से विदेश जाने के मार्ग में आने वाले सभी अदृश्य विघ्न दूर हो जाते हैं और यात्रा सफल होती है।





