विस्तृत उत्तर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति पर कर्ज (ऋण) का मुख्य कारण मंगल ग्रह की अशुभ स्थिति या निर्बलता होती है। जब व्यक्ति गहरे कर्ज के जाल में फंस जाता है, तो उसे भगवान शिव के अंश स्वरूप मंगल देव (भौम) की उपासना करनी चाहिए।
कर्ज मुक्ति के लिए मंगल देव का तांत्रिक बीज मंत्र 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' अत्यंत प्रभावी है। इसके साथ ही स्कंद पुराण में वर्णित 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ करने से चमत्कारिक परिणाम मिलते हैं। मंगलवार के दिन लाल वस्त्र धारण कर, तांबे के पात्र में मसूर की दाल और गुड़ रखकर मंगल देव का ध्यान करें। लाल चंदन या मूंगे की माला से इस मंत्र का जप करने से आय के नए स्रोत बनते हैं और धीरे-धीरे पुराना कर्ज पूरी तरह से उतर जाता है।





