विस्तृत उत्तर
आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से मुक्ति के लिए भगवान गणेश के 'ऋणहर्ता' स्वरूप की पूजा का विधान है। 'ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरण्यं हुं नमः फट्' मंत्र का जप करने से दरिद्रता का नाश होता है। इसके साथ ही 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' का पाठ करना भी बहुत प्रभावी माना गया है, क्योंकि ज्योतिष में मंगल को कर्ज का कारक माना जाता है। बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाकर इस मंत्र का जप शुरू करना चाहिए। यह साधना न केवल वर्तमान कर्ज को समाप्त करती है, बल्कि भविष्य में धन आगमन के नए स्रोत भी बनाती है।





