विस्तृत उत्तर
संकट चतुर्थी = प्रत्येक मास कृष्ण पक्ष चतुर्थी — गणेश का विशेष व्रत:
विधि
- 1प्रातः स्नान, व्रत संकल्प।
- 2संध्या को गणेश पूजा — मिट्टी/धातु गणेश।
- 3दूर्वा (21), लाल फूल, मोदक/लड्डू भोग।
- 4'ॐ गं गणपतये नमः' 108 जप।
- 5गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा पाठ।
- 6संकट चतुर्थी व्रत कथा सुनें।
- 7चंद्रोदय बाद चंद्र दर्शन कर व्रत पारण।
- 8तिलकुट/तिल गुड़ भोग विशेष।
कथा (संक्षेप): एक निर्धन ब्राह्मण ने संकट चतुर्थी व्रत किया → गणेश प्रसन्न → सभी संकट दूर, धन-सुख प्राप्ति। राजा इंद्रद्युम्न ने भी यह व्रत कर राज्य पुनः प्राप्त किया।
लाभ: सर्व संकट निवारण, ऋण मुक्ति, विघ्न नाश, मनोकामना पूर्ति।
विशेष: माघ मास की संकट चतुर्थी सर्वश्रेष्ठ।





