ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
गणेश मंत्र📜 अथर्ववेद (गणपत्यथर्वशीर्ष उपनिषद्)1 मिनट पठन

गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ कब और कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

अथर्ववेद उपनिषद्। चतुर्थी/बुधवार/प्रतिदिन। 1 बार शुभ, 11 बार सर्वसिद्धि। दूर्वा+मोदक+लाल फूल। शुद्ध उच्चारण। फल: 'ब्रह्मभूयाय कल्पते' — ब्रह्म प्राप्ति। सर्वशक्तिमान गणेश स्तोत्र।

📖

विस्तृत उत्तर

गणपत्यथर्वशीर्ष = अथर्ववेद का उपनिषद् — गणेश का सर्वोच्च वैदिक स्तोत्र:

कब

  • गणेश चतुर्थी — अनिवार्य।
  • प्रत्येक चतुर्थी — मासिक।
  • प्रतिदिन — सर्वोत्तम।
  • बुधवार — गणेश का दिन।
  • किसी भी शुभ कार्य आरंभ पर।

कैसे

  1. 1स्नान + शुद्ध वस्त्र।
  2. 2गणेश प्रतिमा/चित्र समक्ष।
  3. 3दूर्वा + मोदक + लाल पुष्प अर्पित।
  4. 4दीपक जलाएं।
  5. 5शुद्ध उच्चारण — संस्कृत, वैदिक स्वर ध्यान रखें।
  6. 61 बार पाठ = शुभ। 11 बार = सर्वसिद्धि। 21 बार = विशेष।

फलश्रुति: 'एतदथर्वशीर्षं योऽधीते स ब्रह्मभूयाय कल्पते' — जो पढ़ता है वह ब्रह्म को प्राप्त।

विशेषता: सबसे शक्तिशाली गणेश स्तोत्र — विद्या, बुद्धि, विघ्ननाश, सर्वकार्य सिद्धि।

📜
शास्त्रीय स्रोत
अथर्ववेद (गणपत्यथर्वशीर्ष उपनिषद्)
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

अथर्वशीर्षगणेशपाठविधिवेद

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ कब और कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको गणेश मंत्र से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर अथर्ववेद (गणपत्यथर्वशीर्ष उपनिषद्) पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।