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गणेश मंत्र📜 गणेश पुराण, मंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जप कितनी बार करना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

108 दैनिक, 1008 विशेष, सवा लाख अनुष्ठान, 21 संक्षिप्त। रुद्राक्ष/स्फटिक/हल्दी माला। बुधवार/चतुर्थी। 'गं' = बीजाक्षर — कभी भी कहीं भी। विघ्न नाश, बुद्धि, कार्य सिद्धि।

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विस्तृत उत्तर

'ॐ गं गणपतये नमः' — गणेश बीज मंत्र ('गं' = बीजाक्षर):

जप संख्या

  • 108 बार (1 माला) — दैनिक न्यूनतम।
  • 1008 बार — विशेष अवसर।
  • सवा लाख (1,25,000) — पूर्ण अनुष्ठान + हवन।
  • 21 बार — संक्षिप्त (किसी कार्य आरंभ पर)।

विधि

  • रुद्राक्ष/स्फटिक/हल्दी माला।
  • बुधवार/चतुर्थी आरंभ।
  • लाल आसन, गणेश समक्ष, पूर्व/उत्तर मुख।
  • दूर्वा + मोदक + लाल फूल।

'गं' बीज: गणेश की सम्पूर्ण शक्ति 'गं' में केंद्रित। कभी भी, कहीं भी जप संभव — किसी विशेष नियम की बाध्यता नहीं।

लाभ: विघ्न नाश, बुद्धि वृद्धि, कार्य सिद्धि, परीक्षा सफलता, व्यापार शुभारंभ।

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शास्त्रीय स्रोत
गणेश पुराण, मंत्र शास्त्र
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