विस्तृत उत्तर
दुर्गा सप्तशती के तीन प्रमुख बीज मंत्र:
1'ऐं' = महासरस्वती बीज
- ▸ज्ञान, वाक् सिद्धि, विद्या।
- ▸उत्तम चरित्र (अध्याय 5-13) का बीज।
2'ह्रीं' = महालक्ष्मी बीज
- ▸ऐश्वर्य, धन, सौभाग्य।
- ▸मध्यम चरित्र (अध्याय 2-4) का बीज।
- ▸माया बीज।
3'क्लीं' = महाकाली बीज
- ▸शक्ति, संहार, मोक्ष।
- ▸प्रथम चरित्र (अध्याय 1) का बीज।
- ▸काम बीज।
संयुक्त = नवार्ण: 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' — तीनों बीज = त्रिशक्ति।
जप: 108 बार प्रत्येक या संयुक्त नवार्ण। स्फटिक माला, लाल आसन। सप्तशती पाठ आरंभ-समापन में।





