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दुर्गा मंत्र📜 दुर्गा सप्तशती, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

दुर्गा सप्तशती के बीज मंत्र क्या हैं और इन्हें कैसे जपें?

संक्षिप्त उत्तर

ऐं = सरस्वती (ज्ञान), ह्रीं = लक्ष्मी (ऐश्वर्य), क्लीं = काली (शक्ति)। संयुक्त: 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' (नवार्ण)। 108 बार, स्फटिक माला।

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विस्तृत उत्तर

दुर्गा सप्तशती के तीन प्रमुख बीज मंत्र:

1'ऐं' = महासरस्वती बीज

  • ज्ञान, वाक् सिद्धि, विद्या।
  • उत्तम चरित्र (अध्याय 5-13) का बीज।

2'ह्रीं' = महालक्ष्मी बीज

  • ऐश्वर्य, धन, सौभाग्य।
  • मध्यम चरित्र (अध्याय 2-4) का बीज।
  • माया बीज।

3'क्लीं' = महाकाली बीज

  • शक्ति, संहार, मोक्ष।
  • प्रथम चरित्र (अध्याय 1) का बीज।
  • काम बीज।

संयुक्त = नवार्ण: 'ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' — तीनों बीज = त्रिशक्ति।

जप: 108 बार प्रत्येक या संयुक्त नवार्ण। स्फटिक माला, लाल आसन। सप्तशती पाठ आरंभ-समापन में।

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शास्त्रीय स्रोत
दुर्गा सप्तशती, तंत्र शास्त्र
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