विस्तृत उत्तर
'ॐ दुं दुर्गायै नमः' — दुर्गा बीज मंत्र:
विधि
- 1स्नान + शुद्ध वस्त्र (लाल/पीला)।
- 2देवी प्रतिमा/चित्र/यंत्र समक्ष, पूर्व/उत्तर मुख।
- 3लाल आसन पर बैठें।
- 4दीपक + धूप + लाल पुष्प अर्पित।
- 5रुद्राक्ष/स्फटिक/लाल चंदन माला (108 दाने)।
- 6108 बार जप (न्यूनतम), 1008 बार उत्तम।
- 7'दुं' = दुर्गा बीजाक्षर — स्पष्ट उच्चारण।
कब: मंगलवार/शुक्रवार, नवरात्रि, अष्टमी। प्रातः या संध्या।
अनुष्ठान: सवा लाख (1,25,000) जप + हवन + दान = पूर्ण।
लाभ: शत्रु नाश, भय निवारण, सर्वबाधा मुक्ति, देवी कृपा।





