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दुर्गा मंत्र📜 तंत्र शास्त्र, देवी उपासना पद्धति1 मिनट पठन

दुर्गा मंत्र 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' का जप कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

'ॐ दुं दुर्गायै नमः' — 108/1008 बार। रुद्राक्ष/स्फटिक माला। लाल आसन, पूर्व/उत्तर मुख। मंगलवार/शुक्रवार/नवरात्रि। 'दुं' = बीजाक्षर। अनुष्ठान: सवा लाख + हवन। शत्रु नाश, भय निवारण।

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विस्तृत उत्तर

'ॐ दुं दुर्गायै नमः' — दुर्गा बीज मंत्र:

विधि

  1. 1स्नान + शुद्ध वस्त्र (लाल/पीला)।
  2. 2देवी प्रतिमा/चित्र/यंत्र समक्ष, पूर्व/उत्तर मुख।
  3. 3लाल आसन पर बैठें।
  4. 4दीपक + धूप + लाल पुष्प अर्पित।
  5. 5रुद्राक्ष/स्फटिक/लाल चंदन माला (108 दाने)।
  6. 6108 बार जप (न्यूनतम), 1008 बार उत्तम।
  7. 7'दुं' = दुर्गा बीजाक्षर — स्पष्ट उच्चारण।

कब: मंगलवार/शुक्रवार, नवरात्रि, अष्टमी। प्रातः या संध्या।

अनुष्ठान: सवा लाख (1,25,000) जप + हवन + दान = पूर्ण।

लाभ: शत्रु नाश, भय निवारण, सर्वबाधा मुक्ति, देवी कृपा।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, देवी उपासना पद्धति
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