विस्तृत उत्तर
'श्रीं' (ॐ श्रीं) लक्ष्मी का मूल बीजाक्षर:
जप संख्या
- ▸108 बार (1 माला) — दैनिक न्यूनतम।
- ▸1008 बार (10 माला) — उत्तम।
- ▸सवा लाख (1,25,000) — पूर्ण अनुष्ठान + हवन।
विधि: स्फटिक/कमलगट्टा माला, शुक्रवार आरंभ, लाल/गुलाबी आसन, लक्ष्मी समक्ष, घी दीपक।
विस्तारित मंत्र
- ▸'ॐ श्रीं श्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' — धन प्राप्ति।
- ▸'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' — सम्पूर्ण।
लाभ: धन आगमन, ऋण मुक्ति, व्यापार वृद्धि, स्थिर लक्ष्मी।





