ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

श्रीं — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

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बीज मंत्र

'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं' एक साथ बोलने का क्या प्रभाव होता है?

ॐ(ब्रह्म) + ह्रीं(माया/लक्ष्मी) + श्रीं(धन) + क्लीं(आकर्षण/काली) = सर्वव्यापी। त्रिशक्ति समकक्ष। 108 बार। धन+शक्ति+आकर्षण+मोक्ष = सम्पूर्ण।

ह्रींश्रीं
बीज मंत्र

श्रीं बीज मंत्र का अर्थ क्या है?

श्रीं = महालक्ष्मी का बीज। श् (लक्ष्मी) + र् (धन-ऐश्वर्य) + ई (इच्छाशक्ति) + अनुस्वार (दुःख-निवारण)। लक्ष्मी तंत्र: 'श्री' सर्वशक्ति हैं। तीन स्तर: भौतिक (धन-समृद्धि), सौभाग्य, आध्यात्मिक (मोक्ष)। शुक्रवार-पूर्णिमा को जप विशेष फलदायी।

श्रींलक्ष्मी बीजसमृद्धि
मंत्र ज्ञान

बीज मंत्र क्या होता है?

बीज मंत्र एकाक्षरी या अल्पाक्षरी ध्वनि-शक्ति हैं जिनमें देवता की मूल ऊर्जा समाहित है। प्रमुख बीज: ॐ (ब्रह्म), श्रीं (लक्ष्मी), ऐं (सरस्वती), क्रीं (काली), ह्रीं (माया), गं (गणेश), हं (हनुमान)। बीज मंत्र बड़े मंत्रों का सार है — इनका जप अत्यंत शक्तिशाली है।

बीज मंत्रएकाक्षरी
मंत्र ज्ञान

महालक्ष्मी बीज मंत्र क्या है?

महालक्ष्मी का मूल बीज मंत्र 'श्रीं' है। त्रिबीज मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' सर्वाधिक शक्तिशाली है। इन्हें स्फटिक या कमलगट्टे की माला से शुक्रवार को पीले वस्त्र में जपें।

बीज मंत्रश्रींमहालक्ष्मी
लक्ष्मी मंत्र

लक्ष्मी बीज मंत्र 'श्रीं' का जप कितनी बार करना चाहिए?

108 बार (दैनिक), 1008 उत्तम, सवा लाख अनुष्ठान। स्फटिक/कमलगट्टा माला। शुक्रवार, लाल आसन। 'ॐ श्रीं श्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'। धन आगमन, ऋण मुक्ति।

श्रींबीज मंत्रजप

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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