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बीज मंत्र📜 तंत्र शास्त्र, बीज मंत्र विज्ञान1 मिनट पठन

'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं' एक साथ बोलने का क्या प्रभाव होता है?

संक्षिप्त उत्तर

ॐ(ब्रह्म) + ह्रीं(माया/लक्ष्मी) + श्रीं(धन) + क्लीं(आकर्षण/काली) = सर्वव्यापी। त्रिशक्ति समकक्ष। 108 बार। धन+शक्ति+आकर्षण+मोक्ष = सम्पूर्ण।

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विस्तृत उत्तर

'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं' = चार शक्तिशाली बीजों का संयोजन:

  • = ब्रह्म/परमात्मा — सृष्टि का मूल कंपन।
  • ह्रीं = माया बीज/महालक्ष्मी — ऐश्वर्य + माया नियंत्रण।
  • श्रीं = लक्ष्मी बीज — धन, समृद्धि।
  • क्लीं = काम बीज/कृष्ण/काली — आकर्षण, शक्ति।

संयुक्त प्रभाव: ब्रह्म शक्ति + माया + धन + आकर्षण = सर्वव्यापी प्रभाव। यह नवार्ण मंत्र ('ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे') का आंशिक समकक्ष — त्रिशक्ति (सरस्वती+लक्ष्मी+काली)।

जप: 108 बार, स्फटिक/रुद्राक्ष माला। सर्वदेवता मान्य। धन+शक्ति+आकर्षण+मोक्ष = सम्पूर्ण।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, बीज मंत्र विज्ञान
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