विस्तृत उत्तर
मिश्र पूजा = सामान्य + विशेष / दक्षिण + वाम / वैदिक + तांत्रिक:
अर्थ: 'मिश्र' = मिला हुआ — दो या अधिक पद्धतियों का संयोजन।
प्रकार
- 1दक्षिण-वाम मिश्र: सात्विक पूजा + कुछ तांत्रिक तत्व (बीज मंत्र, न्यास) — बिना पंचमकार।
- 2वैदिक-तांत्रिक: वैदिक मंत्र (गायत्री/सूक्त) + तांत्रिक विधि (यंत्र/न्यास)।
- 3नित्य-नैमित्तिक: दैनिक पूजा + विशेष अवसर तत्व।
उदाहरण: नवरात्रि पूजा = वैदिक (सप्तशती) + तांत्रिक (यंत्र+बीज+न्यास) = मिश्र।
सर्वप्रचलित: अधिकांश हिंदू पूजा = मिश्र (शुद्ध वैदिक या शुद्ध तांत्रिक नहीं)।





