विस्तृत उत्तर
योग निद्रा गहन = जाग्रत नींद — अनुभव:
- 1शरीर 'गायब': शरीर = अनुभव नहीं → 'मैं कहां हूं?' → शरीर transcend।
- 2विचार शून्य: मन = शांत → शून्य → किन्तु जागरूक (नींद ≠)।
- 3समय विलुप्त: '1 घंटा = 5 मिनट जैसा' → समय अनुभव नहीं।
- 4प्रकाश/रंग: बंद आंखें = प्रकाश/रंग → चक्र सक्रिय।
- 5भावनात्मक release: रोना/हंसना/कंपन = दबी भावनाएं → healing।
- 6संकल्प शक्ति: गहन = अवचेतन open → संकल्प = अत्यंत शक्तिशाली।
सत्यानंद (Bihar School): 'योग निद्रा = प्रत्याहार → धारणा → ध्यान = systematic।' 1 घंटा योग निद्रा = 4 घंटे नींद (शोध)।
सार: 'सोना नहीं — जागकर सोना!' जागरूक + शिथिल = योग निद्रा।





