विस्तृत उत्तर
ध्यान के बाद दिनभर शान्ति बनना = सर्वोत्तम व्यावहारिक प्रभाव।
आध्यात्मिक: (1) चित्तवृत्ति निरोध (योगसूत्र 1.2) — मन की चंचलता शान्त। (2) सत्वगुण वृद्धि — राजस/तामस कम। (3) गीता 2.55: आत्मतुष्ट = स्थितप्रज्ञ।
वैज्ञानिक: (1) Cortisol (तनाव हार्मोन) कमी — कई घंटे प्रभावी। (2) Serotonin/Dopamine वृद्धि = शान्ति/सन्तोष। (3) Alpha/Theta brainwaves ध्यान के बाद भी कुछ समय। (4) Parasympathetic nervous system सक्रिय (Vagus nerve)।
नियमित ध्यान: शुरू में कुछ घंटे → पूरा दिन → अन्ततः स्थायी शान्ति (स्थितप्रज्ञ अवस्था)।




