विस्तृत उत्तर
ध्यान में कंपन — कारण:
- 1ऊर्जा प्रवाह: प्राण ऊर्जा = नाड़ियों में प्रवाह → अवरोध (block) → कंपन = ऊर्जा block तोड़ रही है।
- 2कुंडलिनी (अमर उजाला): कुंडलिनी सक्रिय → 'बिजली कौंधने जैसी अनुभूति' → शरीर कंपन = कुंडलिनी ऊर्ध्वगमन।
- 3नाड़ी शुद्धि: अशुद्ध नाड़ी = ऊर्जा गुजरते = कंपन (सफाई प्रक्रिया)।
- 4भावनात्मक: दबी भावनाएं/तनाव = शरीर में संग्रहित → ध्यान = release → कंपन।
- 5शीतलता/गर्मी: ऊर्जा transition = तापमान अनुभव + कंपन।
क्या करें: घबराएं नहीं — सामान्य। गहरी श्वास। शरीर ढीला। प्रतिरोध न करें — बहने दें। अत्यधिक/दर्दनाक = गुरु परामर्श।





