विस्तृत उत्तर
स्वप्न में नाग = कुंडलिनी संकेत (प्रमुखतः):
- 1कुंडलिनी: नाग/सर्प = कुंडलिनी शक्ति (कुंडलिनी = 'कुंडली मारकर बैठी सर्पिणी')। स्वप्न = कुंडलिनी सक्रिय।
- 2शिव: नाग = शिव गले का सर्प (वासुकी) → शिव कृपा।
- 3नाग देवता: नाग पूजा = भारतीय परंपरा। दर्शन = नाग कृपा → कालसर्प शांति।
- 4ऊर्जा: सर्प ऊपर चढ़ता = कुंडलिनी ऊर्ध्वगमन। काटता = ऊर्जा transition (कुछ)।
भय: नाग से डर = अवचेतन भय release। डरना = सामान्य।
क्या करें: नाग पंचमी पूजा। शिव अभिषेक। 'ॐ नमः शिवाय'। कुंडलिनी ध्यान (गुरु)।





