विस्तृत उत्तर
कुंभाभिषेक = मंदिर 'पुनर्जीवन' अनुष्ठान:
क्या है: 'कुंभ' (कलश) + 'अभिषेक' (स्नान) = पवित्र कलश जल से मंदिर शिखर/कलश/मूर्ति का अभिषेक। मंदिर को 'पुनः जीवित' करना।
कब
- 1प्रथम: मंदिर निर्माण पूर्ण → प्राण प्रतिष्ठा + कुंभाभिषेक = अनिवार्य।
- 2नियमित: प्रत्येक 12 वर्ष (दक्षिण = अनिवार्य)। या जीर्णोद्धार बाद।
- 3विशेष: शिखर मरम्मत, बिजली गिरना, अशुभ घटना बाद।
विधि (संक्षिप्त): 45-48 दिन अनुष्ठान → यज्ञ → 1008 कलश जल → शिखर कलश अभिषेक → प्राण प्रतिष्ठा → भोग → आरती।
दक्षिण विशेष: तमिलनाडु = कुंभाभिषेक = अत्यंत भव्य। लाखों खर्च। समाचार।





