बीज मंत्र'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं' एक साथ बोलने का क्या प्रभाव होता है?ॐ(ब्रह्म) + ह्रीं(माया/लक्ष्मी) + श्रीं(धन) + क्लीं(आकर्षण/काली) = सर्वव्यापी। त्रिशक्ति समकक्ष। 108 बार। धन+शक्ति+आकर्षण+मोक्ष = सम्पूर्ण।#ॐ#ह्रीं#श्रीं
तंत्र ज्ञानतंत्र में मिश्र पूजा क्या होती है?दो+ पद्धतियों का संयोजन। दक्षिण+वाम, वैदिक+तांत्रिक, नित्य+नैमित्तिक। उदाहरण: नवरात्रि = सप्तशती (वैदिक) + यंत्र/बीज/न्यास (तांत्रिक)। अधिकांश हिंदू पूजा = मिश्र।#मिश्र#पूजा#तंत्र
मंत्र जप ज्ञानमंत्र जप के साथ यंत्र पूजा करने से क्या अतिरिक्त लाभ मिलता है?मंत्र (ध्वनि) + यंत्र (दृश्य) = दोगुना। एकाग्रता (ध्यान बिंदु), ऊर्जा संचित+केंद्रित, देवता निवास+आवाहन, 24×7 विकिरण। श्री यंत्र+श्री सूक्त उदाहरण। मंत्र अकेला शुभ, +यंत्र = सम्पूर्ण।#यंत्र#मंत्र#संयुक्त