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मंत्र जप ज्ञान📜 तंत्र शास्त्र, मंत्र-यंत्र-तंत्र त्रिपुटी1 मिनट पठन

मंत्र जप के साथ यंत्र पूजा करने से क्या अतिरिक्त लाभ मिलता है?

संक्षिप्त उत्तर

मंत्र (ध्वनि) + यंत्र (दृश्य) = दोगुना। एकाग्रता (ध्यान बिंदु), ऊर्जा संचित+केंद्रित, देवता निवास+आवाहन, 24×7 विकिरण। श्री यंत्र+श्री सूक्त उदाहरण। मंत्र अकेला शुभ, +यंत्र = सम्पूर्ण।

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विस्तृत उत्तर

मंत्र + यंत्र = सम्पूर्ण साधना:

तंत्र शास्त्र त्रिपुटी

  • मंत्र = ध्वनि शक्ति (कान/वाणी)।
  • यंत्र = दृश्य शक्ति (आंख/ध्यान)।
  • तंत्र = क्रिया शक्ति (कर्म/विधि)।

तीनों = सम्पूर्ण। मंत्र + यंत्र = ध्वनि + दृश्य = दोगुना प्रभावी।

अतिरिक्त लाभ

  1. 1एकाग्रता: यंत्र = ध्यान बिंदु → मन भटके नहीं।
  2. 2ऊर्जा केंद्रित: मंत्र ऊर्जा यंत्र में संचित → केंद्रित प्रभाव।
  3. 3देवता आवाहन: यंत्र = देवता का 'निवास' — मंत्र = 'आवाहन'। दोनों = देवता उपस्थिति।
  4. 424×7 प्रभाव: जप बाद भी यंत्र = ऊर्जा विकिरण जारी।

उदाहरण: श्री यंत्र + श्री सूक्त, शिव यंत्र + 'ॐ नमः शिवाय', दुर्गा यंत्र + नवार्ण।

सार: मंत्र अकेला = शुभ। मंत्र + यंत्र = सम्पूर्ण + अत्यधिक शक्तिशाली।

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शास्त्रीय स्रोत
तंत्र शास्त्र, मंत्र-यंत्र-तंत्र त्रिपुटी
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