विस्तृत उत्तर
गुरु मंत्र vs इष्ट मंत्र:
| विषय | गुरु मंत्र | इष्ट मंत्र |
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| स्रोत | गुरु से दीक्षा में प्राप्त | स्वयं चुना या गुरु निर्धारित |
| देवता | गुरु का इष्ट/परम्परा | साधक का व्यक्तिगत इष्ट |
| गोपनीयता | अत्यंत गोपनीय — किसी को न बताएं | कम गोपनीय |
| शक्ति | गुरु शक्ति + मंत्र शक्ति = अत्यधिक | मंत्र शक्ति |
| उद्देश्य | आत्मोद्धार, मोक्ष | विशिष्ट कामना + भक्ति |
| उदाहरण | गुरु द्वारा कान में दिया | 'ॐ नमः शिवाय', 'हरे कृष्ण' |
कभी-कभी: गुरु मंत्र = इष्ट मंत्र (जब गुरु शिष्य का इष्ट मंत्र ही दीक्षा में दें)।
सार: गुरु मंत्र > इष्ट मंत्र (शक्ति)। गुरु मंत्र = आत्मा, इष्ट मंत्र = कामना।





