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मंत्र जप ज्ञान📜 शाबर तंत्र, नाथ सम्प्रदाय1 मिनट पठन

शाबर मंत्र में हिंदी या देशी भाषा का प्रयोग क्यों होता है?

संक्षिप्त उत्तर

नाथ सम्प्रदाय = सामान्य जनता हेतु। संस्कृत कठिन → लोकभाषा = सही उच्चारण सहज। तुरंत प्रभाव (मान्यता)। 'भगवान भाव देखते, भाषा नहीं' — तुलसीदास = अवधी।

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विस्तृत उत्तर

शाबर मंत्र = लोकभाषा (हिंदी/अवधी/भोजपुरी) में:

कारण

  1. 1गोरखनाथ/नाथ सम्प्रदाय: नाथ योगियों ने सामान्य जनता हेतु संस्कृत → लोकभाषा। 'सबके लिए शक्ति' = उद्देश्य।
  2. 2संस्कृत कठिन: सामान्य व्यक्ति = संस्कृत उच्चारण कठिन → गलत → निष्फल। लोकभाषा = सही उच्चारण सहज।
  3. 3तात्कालिक: शाबर = तुरंत प्रभाव (मान्यता) — भाषा सरल = भाव तीव्र।
  4. 4भक्ति प्रधान: 'भगवान भाव देखते, भाषा नहीं' — तुलसीदास ने रामचरितमानस अवधी में लिखा, संस्कृत में नहीं।

विवाद: कुछ विद्वान = शाबर अमान्य (वैदिक नहीं)। कुछ = अत्यंत प्रभावी (अनुभव)।

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शास्त्रीय स्रोत
शाबर तंत्र, नाथ सम्प्रदाय
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