विस्तृत उत्तर
शाबर मंत्र = लोकभाषा (हिंदी/अवधी/भोजपुरी) में:
कारण
- 1गोरखनाथ/नाथ सम्प्रदाय: नाथ योगियों ने सामान्य जनता हेतु संस्कृत → लोकभाषा। 'सबके लिए शक्ति' = उद्देश्य।
- 2संस्कृत कठिन: सामान्य व्यक्ति = संस्कृत उच्चारण कठिन → गलत → निष्फल। लोकभाषा = सही उच्चारण सहज।
- 3तात्कालिक: शाबर = तुरंत प्रभाव (मान्यता) — भाषा सरल = भाव तीव्र।
- 4भक्ति प्रधान: 'भगवान भाव देखते, भाषा नहीं' — तुलसीदास ने रामचरितमानस अवधी में लिखा, संस्कृत में नहीं।
विवाद: कुछ विद्वान = शाबर अमान्य (वैदिक नहीं)। कुछ = अत्यंत प्रभावी (अनुभव)।





